क्यूँ होती है बार बार पेशाब आने की समस्या , पेशाब की रुकावट और Prostate की समस्या ? क्या है Prostate की समस्या और गुप्त रोग (Sexual Disease) होने का संबंध ?? क्यूँ होती है बार बार पेशाब आने वालों को गुप्त रोगों की समस्या और हर तरह की औषधि लेने पर भी क्यूँ नहीं होता इनका उपचार ?? आइये जानते हैं हमारे इस लेख में
अगर आप Prostate की समस्या से हैं परेशान,आपको बार बार पेशाब आता है या पेशाब की रुकावट होती है ,या Reports में Prostate की समस्या ना होने पर भी और सभी Test Normal होने पर भी होती है बार बार पेशाब आने की समस्या। आपको पेशाब में जलन होती है या UTI (Urinary Tracy Infection) की समस्या है या आपको रुक रुक के पेशाब आता है और पेशाब करते समय दर्द और भारीपन महसूस होता है । इन समस्याओं के कारण आपको पेट में या कमर में दर्द भी होता है या रात को सोते समय अपने आप पेशाब निकल जाता है । या फिर आपको Kidney में और Prostate में सूजन हो जाती है और आपको Cyst भी है ,या आपको Stone का Lazer उपचार कराने के बाद Urinary Stricture की समस्या हो गई है तो तो इस लेख को अंत तक अवश्य पड़ें और आज ही हमसे परामर्श लें ।
बार बार पेशाब आने की समस्या मुख्य तह 4-5 कारणों से होती है और उसमे सबसे पहला है किसी व्यक्ति के शरीर में गुप्त रोग (Sexual Disease) होना । अगर आप कभी ध्यान देंगे तो जिन भी लोगों को बार बार पेशाब जाने की समस्या होती है उन्हें अमूमन गुप्त अंगों से जुड़ी समस्याएँ जैसे शीघ्र पतन (Premature Ejaculation) , Nightfall (स्वप्नदोष) , Erectile Dysfunction (लिंग में तनाव ना आना) या White Discharge (सफ़ेद पानी) निकलने की समस्या होती ही होती है और जब हम रोगी से बात चीत करते हैं तो पता चलता है कि छोटी उम्र में ज्यादा हस्तमैथुन (Masturbation) करने के कारण उन्हें यह सब समस्या हो जाती है जिसके कारण उनकी प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland) में समस्या आ जाती है जिसके बाद उन्हें अपने लिंग से चिपचिपा सफ़ेद पानी निकलते रहना या गुप्त रोग हो जाते हैं । अब आप सोचेंगे कि प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्या और गुप्त रोग (Sexual Problems) होने इनका आपस में क्या संबंध है? तो आपको बता दें कि जो हमारे शरीर की प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland) है यह हमारे पेशाब की थैली (Urinary Bladder) से जुडी हुई एक ग्रंथि होती है । जहाँ Urinary Bladder (पेशाब की थैली) का काम है पेशाब को एकत्रित करना और हमारे लिंग से बाहर निकाल देना है वहीं हमारी Prostate ग्रंथि का काम है हमारे पेशाब के बहाव को नियंत्रित करना और जो हमारा शुक्र जो हमारा वीर्य (Sperm) है उसको एक तरल पदार्थ के द्वारा पोषण देना ताकि वह वीर्य संभोग के समय हमारे लिंग से बाहर निकल सके । अब जो लोग सालों साल जाने अनजाने में या ज्ञान के अभाव में हस्तमैथुम करते हैं उनकी प्रोस्टेट ग्रंथि ख़राब हो जाती है जिसके कारण या तो उस व्यक्ति के पेशाब का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा, उसे बार बार पेशाब आएगा या उसे कोई ना कोई गुप्त रोग जैसे लिंग से सफ़ेद चिपचिपा पानी निकलना या अत्यधिक स्वप्नदोष , समय से पहले ही या किसी महिला को देख के वीर्य निकल जाना आदि आदि समस्याएँ हो जाती हैं। और जरूरी नहीं हैं कि यह सभी समस्याएँ एक साथ सभी को हो , हो सकता है आपको केवल गुप्त रोग हो जाये या आपको केवल बार बार पेशाब की समस्या हो जाये या दोनों एक साथ हो । ऐसी परिस्थिति में Allopathic Test कराने पर भी कोई लाभ नहीं होता क्योंकि इनमें प्रोस्टेट बडा हुआ नहीं आता , प्रोस्टेट की कार्यप्रणाली में समस्या होती है। अगर प्रोस्टेट की कार्यप्रणाली ठीक ना हो तो गुप्त रोगों की लाख दवाइयाँ लेने पर भी कोई लाभ नहीं होता ,बार बार पेशाब की समस्या और गुप्त रोग बने ही रहते हैं । फिर आप चाहे दुनिया की महँगी महँगी दवाई जड़ि बूटी , औषधियाँ खा लो पर आपका गुप्त रोग ठीक नहीं होता क्योंकि बीमारी के कारण की चिकित्सा नहीं होती ।
बार बार पेशाब आने की समस्या का दूसरा मुख्य कारण हमारा गलत खान पान और शुगर (Diabetes) की समस्या होना । वहीं अगर आप बीपी (B.P) शुगर (Sugar) और हार्ट (Heart) की अंग्रेजी दवाई (Allopathic Medicine) खाते हैं तो आपको कुछ समय बाद इन दवाइयों के दुष्परिणाम (Side Effect) के कारण Prostate की और पेशाब की रुकावट हो ही जाती है इसमें कोई संदेह नहीं है। ऐसे में रोगी की परिस्थिति यह हो जाति है की उसकी Sugar,Bp,Heart की समस्या तो ठीक नहीं होती पर अंग्रेजी दवाओं के कारण उसे प्रोस्टेट जैसी समस्या और पेट की कब्ज भी हो जाती है । उसे पथरी भी बनने लग जाती है और यह पथरी बार बार बनती है । यह बहुत दुर्भाग्य पूर्ण है की व्यक्ति की ये समस्याएँ तो कभी ठीक नहीं होती वह आजीवन अपनी अंतिम साँस तक दवाएँ खाता रहता है,रोटी कम और गोलियाँ जयादा खाता है पर इन अंग्रेजी (Allopathy) दवाइयों के कारण उसे और 10 बीमारियों हो जाती है । अगर यह Prostate की समस्या समय पर ठीक ना हो तो यह व्यक्ति को Prostate Cancer तक ले जाती है ।
तीसरा सबसे मुख्य कारण पेशाब की रुकावट होने का है आज कल जाने अनजाने में या अपने काम के कारण या आज कल की जीवनशैली के कारण या मजबूरी में लोगों का लंबे समय तक पेशाब के वेग को रोक कर रखना । आयुर्वेद के अनुसार पेशाब के वेग को रोक कर रखना शरीर में होने वाली कहीं गंभीर बीमारियों के होने का मुख्य कारण बन जाता है ।
चौथा शरीर से पथरी को Lazer उपचार (Allopathic Treatment / Surgery ) करवाना जिसे करवाने के बाद 99 % लोगों को Urinary Stricture की समस्या होती ही होती है और उनकी पेशाब की नली या तो सिकुड जाती है या चिपक जाती है । और यह बहुत पीड़ा दायक होता है ।
पाँचवा ,हमने अपने सालों साल के अनुभव से ऐसा देखा है कि जो लोग पानी गलत तरीके से पीते हैं उन्हें कुछ सालों बाद Prostate की समस्या या ज्यादा पेशाब आना या पेशाब के रुकावट ऐसी समस्याएँ हो जाती हैं और जब तक यह नियम पालन ना कियें जायें , औषधि लेने का कोई परिणाम नहीं मिलता । चलिए जानते हैं वह क्या नियम हैं ।
1. पानी को हमेशा घूँट घूँट करके पीना यानी चाय की तरह एक दम Sip Sip करके पीना , ताकि जयादा से जयादा मुँह की लार पेट में जा सके । यह पानी को पीने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है । हमारे मुँह की लार सबसे सर्वश्रेष्ठ औषधि है हमारे पेट के Acid को शांत करने के लिए और Prostate को ठीक करने के लिए । अगर आपको पानी एक ही बारी में पूरा घटा घट पीने की आदत हैं तो कृपया इसे तुरंत बंद करे । ऐसा करने से Prostate और Kidney से जुड़ी समस्या तो होगी ही होगी और वह ठीक भी नहीं होगी । संपूर्ण प्रकृति में एक भी ऐसा जानवर , पशु , पक्षी नहीं है जो एक ही बारी में घटा घट पानी पी जाये। आप देखिए कुत्ता है , शेर है , चिड़िया है , बिल्ली है सभी अपना पानी चाट चाट के पीते हैं थोड़ा थोड़ा करके यानी एक ही बारी में नहीं पीते । इसलिए इनमें से किसी को भी Prostate या Kidney की बीमारी नहीं होती । केवल इंसान ही एक ऐसा जानवर है जी प्रकृति se विपरीत जाके 1 ही बारी में घट घट करके गिलास या बोतल में रखा पानी पी जाता है । हमारे देश में बंगाल नाम का राज्य है जहाँ की संस्कृति में एक बहुत ही सुंदर बात बोली जाती है कि “ जोल खाबो “ यानी जल को खाओ यानी पानी को खाओ । बंगाल में पानी को पीने के लिए नहीं पानी को खाने के लिए बोला जाता है । बंगाल में कोई बहुत बड़े दार्शनिक और आयुर्वेदिक वैध रहे होंगे जिन्होंने आयुर्वेद का इतना बड़ा सूत्र पानी पीने का इतनी सरलता से उनकी संस्कृति में दाल दिया की पानी को खाने की तरह चबा चबा के खाओ यानी घूँट घूँट करके पियो और खाने को इतना चबाओ की वह पानी की तरह हो जाये । दुर्भाग्य से बंगाल और भारत के अन्य राज्य के लोग अब “ जोल खाबो “ का पालन नहीं करते इसलिए Prostate और Kidney की समस्या बड़ती चली जा रही हैं ।
2. दूसरा , पानी उतना ही पियें जितना आपकी प्यास है और तभी पियें जब आपको प्यास लगे । हमसे परामर्श लेने वाले अमूमन लोग यही कहते हैं कि हमे तो सुबह उठते ही 1 गिलास , 2 गिलास या 3 गिलास पानी पीने की आदत है । कुछ गरम पानी पीते हैं तो कुछ सादा । जब हम उनसे इसका कारण पूछते हैं तो पता चलता है कि उन्होंने किसी Youtube Channel पे या Whatsapp पे या Google से किसी को सुन के यह सीख लिया । शायद ऐसा करने से पेट और kidney साफ होती है इसलिए हम उठते ही इतना पानी पीते हैं फिर पूरा दिन का भी नियम है कि प्यास हो या ना हो हमने 8 गिलास पानी पीना है । तो यह आदत आयुर्वेद के अनुसार ठीक नहीं है । आयुर्वेद का एक सरल सा नियम है कि आप उतना ही पानी पियें जितनी आपकी प्यास हो और पानी तभी पियें जब आपको प्यास लगे । अगर आपको सुबह उठते ही प्यास ही नहीं है और आप 1-2 ya 3 गिलास पानी पी रहे हैं या आपको प्यास तो 1-2 घूँट की है पर आप 1-2 गिलास पानी पी रहे हैं या पूरे दिन का नियम बना के बैठे हैं कि प्यास हो या ना हो पर 8-10 गिलास पानी जरुर पियूँगा तो आयुर्वेद के अनुसार इससे आपका पाचन तंत्र कमजोर होता है आपकी Kidney पे दबाव पड़ता है और Prostate जैसी समस्या होती है ।
3. तीसरा पानी कभी भी खडे होके ना पियें पानी हमेशा बैठ के पियें । खड़े होकर पानी पीना हमारे पेट और घुटनों के लिए सही नहीं होता । और खड़े होकर पानी पीने से यह शरीर में जगह जगह दर्द करता है । यह आपके पेट में , किडनी में , प्रोस्टेट में आपके घुटनों में दर्द करेगा । यह आपके पेट में गैस और शरीर के अलग अलग अंगों में दर्द की समस्या करेगा । पानी हमेशा बैठ के पियें और हमेशा चाय की तरह sip sip करके ही पियें ताकि ज्यादा से ज्यादा मुँह की लार शरीर के अंदर जा सके ।
4. चौथा Fridge के पानी का त्याग करें , अगर ठंडा पानी ही पीना हो तो यातो मिट्टी के घड़े का पियें या सादा पानी पीना होतो, रात्रि को ताँबे के पात्र में गरम पानी रख दें और फिर पूरा दिन यही पियें । और पानी को हमेशा उबाल के Normal करके पियें ।
और अंत में गलत खान पान और अंग्रेजी दवाइयों के सेवन के कारण बार बार UTI की समस्या होना , पेशाब की जलन ,दर्द ,बार बार पथरी बनना , Cyst होना सूजन हो जाना और पीठ और कमर में दर्द होना पेट का दर्द होना ।
हमसे परामर्श लेने वाले 99 % लोगों का यही कहना होता है कि हमने इतनी जगह से दवाई खाई इतना पैसा खर्च किया इतना समय का कोर्स किया पर हमारी यह समस्यायें ठीक ही नहीं हुई। उसका कारण यह है की आज कल के जो वैद्य और डॉक्टर हैं वह रोगी को ठीक करने के मक्सत से नहीं बल्कि अपनी औषधि बेचने के मकसत से इलाज करते हैं। कुछ बनी बनाई औषधियाँ तैयार करके रख लेना और हर व्यक्ति को अपनी दवा बेच के अपना कोर्स पूर्ण कराना और उसके बाद कोई परिणाम ना मिलने पर वह रोगी निराश हो जाता है और किसी भी तरह के उपचार को कराने से हिचकिचाता है ।
आप खुद ही सोचिए क्या इस दुनिया में हर व्यक्ति एक जैसा है? जवाब है नहीं । हर व्यक्ति इस दुनिया में अलग है उसके शरीर की बनावट अलग है वह किस जल वायु में रहता है उसकी जीवनशैली भी अलग है और उसके शरीर में बीमारी होने के कारण भी अलग अलग है ,किसी व्यक्ति को गरम खान पान और औषधियों से उसकी समस्या बड जाती है उसके शरीर की गर्मी बड जाती है और किसी को ठंडी से तकलीफ होती है । तो हर व्यक्ति को एक ही दवा कैसे काम कर सकती है। अगर एक ही दवा सबके लिए काम करती तो इस दुनिया में डॉक्टर्स की आवश्यकता ही ना होती ।
इसलिए हीलिंग रूट्स (healin roots) पर हम पूर्णतः पारंपरिक और शास्त्रोक्त पद्धति से चिकित्सा करते हैं जिसमे हम पहले आपसे एक ऑनलाइन पंजीकरण पत्र (online registration form) भरवा के आपके बीमारी के कारण को समझते हैं ,इस पंजीकरण पत्र में आपके शरीर और आपकी जीवनशैली से जुड़ी कुछ जानकारी माँगी गई होती है और फिर आपके पत्र के आधार पर आपके बीमारी के कारण और आपके शरीर की प्रकृति को देख कर अलग से औषधि बनाई जाती है जिसमे एक दिन का समय लगता है और तीन चार दिन में आपके घर पूरे भारत में औषधि भिजवा दी जाती है । साथ ही आपको संपूर्ण आहार विहार (diet chart) की जानकारी दी जाती है जिससे आपके खान पान आपके आहार को भी आपकी औषधि बनाया जा सके जिसके कारण आपको शत प्रतिशत और शीघ्र आराम मिलता है ।
होम्योपैथी (Homeopathy) , आयुर्वेद (Ayurved) और नेचुरोपैथी (Naturopathy) के इस अद्भुत मिश्रण और एकीकृत उपचार (Integrated Treatment) से आपको मिलेगी हमारे परामर्श से शत प्रतिशत आराम जहाँ हम आपको एक ही उपचार (Consultation) में संपूर्ण भारत में सस्ती से सस्ती होमियोपैथिक(Homeopathic) और आयुर्वेदिक (Ayurvedic) औषधियाँ उपलब्ध करवायेंगे और आपको आयुर्वेद अथवा नेचुरोपैथी द्वारा संपूर्ण आहार विहार और खान पान (Diet Chart) की जानकारी भी देंगे ताकि आपके खाने को भी आपकी औषधि बनाया जा सके ,जिससे आपको 15 दिनों में ही आपकी सालों साल पुरानी बीमारी में आराम लगने लगेगा । हम संपूर्ण भारत में Online परामर्श देते हैं।
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